भारत एक लोकतांत्रिक देश है यहां प्रत्येक नागरिक को अपनी इच्छा अनुसार अपने जनप्रतिनिधि चुनने का अधिकार है एक मतदाता अपने मत के प्रयोग से अपने प्रिय प्रत्याशियों को चुन सकता है 1947 से पहले जब भारत में अंग्रेजों का शासन था तब भारत में मतदान की कोई प्रक्रिया नहीं थी परंतु अंग्रेजों के भारत आगमन से पूर्व भारत में राजतंत्र था उस समय मतदान की प्रक्रिया हुआ करती थी पर तब मतदान आज की तरह बैलट पेपर या evm मशीन से ना होकर गुप्त मतदान जो कान में कहकर या खुला मतदान जिसमें सभी प्रजा की एक साथ सहमति लेकर होता था कुछ राज्य में यह प्रचलन था कि कुछ गंभीर विषयों पर निर्णय लेने से पूर्व राजा अपनी प्रजा की सहमति लेने के लिए उन्हें आमंत्रित करते थे ऐसी सभा में मत प्रकट करने का रूप मौखिक था कई राज्यों में स्वयं उठकर या हाथ उठाकर मत प्रकट करने की व्यवस्था होती थी आजादी के बाद सन 1952 में पहली बार मतदान हुआ भारत के प्रथम नागरिक राष्ट्रपति से लेकर सरपंच तक मतदान के द्वारा ही बनते हैं यह मतदाता के मत की ताकत है कि कोई चाय वाले को भारत का प्रधानमंत्री तो किसानों के पुत्रों को,अन्य सामान्य नागरिक को मंत्री मुख्यमंत्री या देश के सर्वोच्च पद पर पहुंचा दे
मतदान क्यों करें???
जैसे-जैसे चुनाव का समय नजदीक आता है वैसे वैसे कई नेता जी लोग आपके क्षेत्र में भ्रमण कर आपके हितेषी बनने की कोशिश करने लगते हैं ऐसे नेता जी लोगों का उद्देश्य सत्ता हासिल करना या पैसे कमाना होता है ऐसे लोग सत्ता के नशे में चूर होकर अपने क्षेत्र के नागरिकों के हितलाभ को भूल जाते हैं और भ्रष्टाचारी को बढ़ावा देते हैं आपका एक मत आपके क्षेत्र के विकास के लिए आपके क्षेत्र की उन्नति के लिये आपके क्षेत्र की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण है
कौन व्यक्ति कर सकते है मतदान
भारत में रहने वाला हर वो नागरिक जिसकी उम्र 18 साल पूरी हो चुकी है। और उसका नाम मतदाता सूची मे हो उसे वोट डालने का अधिकार मिलता है।
मतदाता कैसे बने
अगर आपका नाम मतदाता सूची में नहीं है या आपने 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर ली है तो सर्वप्रथम आप अपने क्षेत्र के बीएलओ से मिलकर संबंधित दस्तावेजों को देख कर अपना नाम मतदाता सूची में अंकित करवा सकते हैं
कानून के तहत आने वाले चुनाव में प्रत्याशियों द्वारा नामांकन दायर करने की आखिरी तारीख तक मतदाता अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वा सकते हैं। इसके लिए वे अपनी निकटतम मतदाता पंजीकरण कार्यालय में जाकर उचित फार्म के साथ आवेदन करना होता है
मतदाता जागरूकता के लिए चलाए जा रहे अभियान
वर्तमान समय में मतदाताओं को जागृत करने के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं इन अभियान का उद्देश्य प्रतिशत मतदान कराना है क्योंकि आजादी के इतने वर्ष बाद भी मतदाता जागरुक नहीं है मतदाताओं को जागरूक करने के लिए तमाम संगठन जनप्रतिनिधि समाजसेवी लोग तत्पर हैं यह सभी संगठन का उद्देश्य समाज समुदाय में मतदान के प्रति जागरूक करना है यह संगठन दीवार लेखन, नुक्कड़ नाटक, रैली एवं सभा करके ,पोस्टर- पेंपलेट लगा कर लोगों को मतदान का महत्व समझाने की कोशिश कर रहे हैं
मतदान करना हमारा नैतिक कर्तव्य है अतः हमें मतदान करना चाहिए इसलिए कहते हैं
" सारे काम छोड़ दो सबसे पहले वोट दो"
क्योंकि मतदान ही लोकतंत्र का आधार स्तंभ है

Comments
Post a Comment